सब्सिडी देकर मोदी ने देश को सोलर बिजली का दीवाना बनाया

पीआरएसआई भोपाल ने सोलर बिजली सब्सिडी योजना के प्रचार प्रसार का बड़ा अभियान शुरु किया है.


भोपाल,28 जुलाई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर सोलर बिजली प्लांट लगाने के लिए जो सब्सिडी देने की योजना चलाई गई है उसके प्रति लोगों की दीवानगी बढ़ती जा रही है। लोगों ने अपने घरों पर सोलर बिजली प्लांट लगाना शुरु कर दिए हैं और उस बिजली से वे घरों को रोशन करने के साथ साथ मुफ्त परिवहन का भी आनंद उठा रहे हैं। केंद्र सरकार ने इस परियोजना पर 75,000 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी देने का लक्ष्य निर्धारित किया है। एनडीए सरकार इस अभियान में हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करने के साथ-साथ 1 करोड़ घरों को रोशन करके भारत की ऊर्जा जरूरतों का नया इतिहास लिखने जा रही है।
पब्लिक रिलेशंस सोसायटी आफ इंडिया,भोपाल ने इस विषय पर आज एक सेमिनार का आयोजन किया। इसमें मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के उप मुख्य महाप्रबंधक (एनएसई) सौरभ श्रीवास्तव ने एक समारोह में बताया कि वे किस तरह इस योजना में सब्सिडी का लाभ लेकर अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी कर सकते हैं और बिजली कंपनी को अतिरिक्त बिजली बेचकर अपनी आय भी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने बताया कि बिजली कंपनी के पोर्टल और वेवसाईट पर इस योजना की लिंक दी गई है। इस पर आवेदन करके घर बैठे वे अपने घरों पर सोलर बिजली प्लांट लगवा सकते हैं। सरकार एक किलोवाट बिजली प्लांट पर तीस हजार रुपए ,दो किलोवाट के बिजली प्लांट पर साठ हजार रुपए और तीन किलोवाट बिजली प्लांट पर 78 हजार रुपए सब्सिडी दे रही है। इससे ज्यादा क्षमता वाले बिजली प्लांटों पर सब्सिडी 78 हजार रुपए ही रहेगी।
उन्होंने बताया कि इन घरेलू बिजली प्लांटों से प्राप्त बिजली से घर की लाईट ,एसी ,गीजर और हीटर भी चलाए जा सकते हैं। इस बिजली से इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी भी चार्ज की जा सकती है। इससे बिजली के साथ परिवहन के ईंधन की भी बचत की जा सकती है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ईंधन के आयात पर हर साल लाखों करोड़ रुपए खर्च करती है। घरेलू बिजली से जहां पर्यावरण की रक्षा की जा सकेगी वहीं देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनाया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि काफी अनुसंधान के बाद ऐसे फोटो वोल्टिक सेल भी अब बाजार में आने लगे हैं जिनसे बादलों की मौजूदगी के बीच भी बिजली बनाई जा सकती है।
वरिष्ठ पत्रकार गिरिजा शंकर ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के साथ देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने की दिशा में ये महत्वाकांक्षी योजना है। लोगों को आगे बढ़कर इस योजना का लाभ उठाना चाहिए। इस योजना के अधिक प्रचार प्रसार की भी जरूरत है जिससे लोग अपनी ऊर्जा जरूरतों को लेकर आत्मनिर्भर हो सकेंगे।
इस परियोजना से जुड़े मोंटाज इंफ्रा पावर प्राईवेट लिमिटेड के निदेशक ओम प्रकाश मेहरा ने बताया कि अब देश में ही निर्मित उच्च क्वालिटी के सोलर पैनल अधिक बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। सोलर पैनलों के छाया वाले पृष्ठ पर भी अब ऐसे फोटो वोल्टिक सेल लगाए जाते हैं जो आसपास की धूप से भी बिजली का उत्पादन करते हैं। इससे सोलर प्लांटों की क्षमता में इजाफा हुआ है। भारत में लगभग तीन सौ दिनों तक धूप उपलब्ध होती है। इससे बिजली का उत्पादन सरलता से हो जाता है।
कार्यक्रम के आयोजक और पीआरएसआई के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी ने कहा कि भारत सरकार की इस योजना पर मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने गंभीरता से अमल शुरु किया है। इससे प्रदेश की बिजली की मांग को नियंत्रित करने में सफलता मिली है। आगे आने वाले समय में हम सोलर बिजली का ऐसा नेटवर्क तैयार करने में सफल होंगे जिससे भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन जाएगा। पीआरएसआई के सचिव पंकज मिश्रा ने सभी अतिथियों और आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। संस्था के कोषाध्यक्ष के.के.शुक्ला ने अतिथियों के सत्कार और गोष्ठी की व्यवस्था का दायित्व संभाला।

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