Month: May 2024

  • जनता ने तो चुन लिया मोदी मार्ग

    जनता ने तो चुन लिया मोदी मार्ग


    मोदी सरकार को जनता तीसरी बार सत्ता में भेजने जा रही है। अब तक पांच चरणों के चुनाव में साफ हो गया है कि भाजपा और एनडीए गठबंधन भारी जनसमर्थन से सरकार में पहुंच रहा है। ये जनादेश देश के विकास का जनादेश होगा। पहली बार न तो कोई सहानुभूित की लहर है और न ही जाति धर्म के दलालों की जोड़ तोड़। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सीधे जनता से संवाद कर रहे हैं और कारगर संवाद के माध्यम से अपनी सरकार के कार्यकलापों का उल्लेख करके कार्यकाल का जनादेश जुटा रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा और अमित शाह के मार्गदर्शन में चल रहे इस महाभियान में दुनिया की सबसे विशाल लोकतांत्रिक पार्टी एक स्वर में चुनाव लड़ रही है। अंग्रेजों ने जब भारत के टुकड़े करके यहां धर्म आधारित फूट के बीज बोए थे तब उन्हें भी एहसास नहीं था कि कभी उनके तमाम प्रयासों को भारत का सनातन धता बता देगा। सनातन ने हमेशा से सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाया है। वसुधैव कुटुंबकम का विचार पूरी दुनिया को परिवार मानने का संदेश देता है इसके बावजूद अंग्रेजों के प्रश्रय से पनपी कांग्रेस ने सतर सालों तक जाति ,धर्म,भाषा का ऐसा वैमनस्य बोया कि जनता सिर फुटौव्वल में ही लगी रही। सबको एक करने का विचार लिए जनसंघ हो या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इनके करोड़ों कार्यकर्ताओं की पीढ़ियां खप गईं। गरीबी दूर करने का स्वप्न दिखाकर नेहरू गांधी परिवार ने लगातार सत्तर सालों तक बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लूट का साझीदार बनाए रखा। बाबा रामदेव के पातंजलि आर्युवेद जैसे सैकड़ों प्रकल्पों ने देश को पहली बार बताया कि अहिंसात्मक चिकित्सा ही समाज को बेहतर जीवन दे सकती है। इसके पहले तो एलोपैथी के माध्यम से समाज को स्वास्थ्य प्रदान करने का ऐसा अभियान चलाया गया था कि लोगों को लगता था यदि उन्हें दवा नहीं मिली तो उनका जीवन नष्ट हो जाएगा। स्वयंसेवकों ने इतने विशाल देश को जीवन संयम की डोर में बांधकर जैसा पुनर्जागरण चलाया उन्हें समझाया कि सर्जरी जैसी उपचार विधि आपातकाल में जरूरी होती है स्वस्थ्य रहने के लिए तो जीवनशैली में बदलाव लाना होंगे। आज भी देश की बड़ी आबादी जीवनशैली जनित बीमारियों से ग्रस्त है। उन्हें नहीं मालूम कि बहुत छोेटे उपाय उनका जीवन खुशहाल बना सकते हैं। नरेन्द्र मोदी अपने चुनाव प्रचार अभियान को लोकतंत्र का उत्सव बताते हैं। इसके विपरीत शैतान पर कंकर फेंकने की सोच से भरे कांग्रेस के राहुल गांधी बदतमीजी की भाषा में प्रधानमंत्री को गाली देते फिरते हैं। पश्चिम बंगाल में ममता बैनर्जी मुस्लिमों को उकसाकर दंगे करवाकर सत्ता में बने रहने का प्रयास कर रहीं हैं। अखिलेश यादव ,की समाजवादी पार्टी हो या केरल के वामपंथी सभी लड़ने मारने पर उतारू हैं।इसके विपरीत भाजपा के प्रचारक अपनी वोटर सूची का पन्ना संभाले लोगों से मतदान की अपील कर रहे हैं। चुनाव अभियान का असर ये है कि कांग्रेस का निराश मतदाता तो पोलिंग बूथ तक भी नहीं पहुंच रहा है। उसे लगता है कि इंडी गठबंधन की विचारधारा समय के साथ पिछड़ गई है। धारा 370 हो या राममंदिर निर्माण जैसे तमाम मुद्दों पर इस गठबंधन की पहले ही करारी हार हो चुकी है।आज वह खलनायक बनकर समाज के बीच खड़ा है ऐसे में आम जनता उससे दूरी बनाकर रखने में ही अपनी भलाई समझ रही है। जाहिर है इसका सीधा लाभ एनडीए गठबंधन को ही मिलना है। भाजपा की राज्य इकाईयां भले ही अब तक विकास की मुख्यधारा को आत्मसात नहीं कर पाईं हों लेकिन जिस तरह चुनाव प्रचार अभियान में हर बिंदु पर प्रवक्ता की तरह प्रकाश डाला गया उससे संगठन को बड़ा सहारा मिला है। मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान की पूर्ववर्ती सरकार आत्मनिर्भरता के मुद्दे पर बहुत कुछ नहीं कर पाई थी। ऐसे में जनता के बीच असंतोष भी बढ़ गया था लेकिन चुनाव अभियान ने जनता से जिस तरह संवाद किया उससे वो नाराजगी दूर हो गई। डॉ.मोहन यादव की सरकार अभी तक अपना काम शुरु नहीं कर पाई है वह भी चुनाव अभियान की जिम्मेदारी उठाए हुए है। भाजपा का केन्द्रीय प्रचार अभियान इतना सफल जन शिक्षण कर रहा है कि उससे आम नागरिक तक को अपना लक्ष्य साफ नजर आने लगा है। मध्यप्रदेश की डॉ.मोहन यादव सरकार से देश को भारी अपेक्षाएं हैं। देखना है कि विकास की जो समझ देश के बीच विकसित हुई है उसकी कसौटी पर वर्तमान सरकार किस हद तक सफल होती है. फिलहाल मतदान के दो चरण बाकी हैं और बहुत सारी प्रमुख सीटों पर मतदान होना है । प्रचार की लय इतनी सुरीली है कि देश टकटकी लगाए उसे सुन रहा है। वोट कर रहा है। जाहिर है कि सकारात्मक अभियान अपने बड़े लक्ष्य को भी आसानी से वेध लेगा। एनडीए लगभग चार सौ सीटों पर पहले ही काबिज है अब वह चार सौ पार की ओर बढ़ रहा है।

  • सरकारी छूट से मुनाफे का उद्यम चलाना सिखाएगा सैडमैप

    सरकारी छूट से मुनाफे का उद्यम चलाना सिखाएगा सैडमैप

    55 जिलों में 37 सेक्टर में निशुल्क अत्याधुनिक पाठ्यक्रम

    भोपाल11 मई(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। बेरोजगारी दूर करने और युवाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए उद्यमिता विकास केंद्र मध्य प्रदेश (सेडमैप) सभी पचपन जिलों में लगभग सैंतीस प्रकार के उद्यम शुरु करने के लिए प्रशिक्षण देने जा रहा है। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र (डीआईसी) अंतर्गत संचालित शासकीय स्वरोजगार योजनाओं की सब्सिडी का लाभ युवाओं को तभी मिल पाता है जब वे किसी भी विधा में विधिवत प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हों। सैडमेप ने एक व्यापक कार्यक्रम तैयार किया है जिसमें छोटा व्यवसाय शुरु करने जा रहे उद्यमियों के लिए, व्यावसायिक उद्यमों की स्थापना को सुविधाजनक बनाने और मौजूदा व्यावसायिक इकाइयों के विकास को बढ़ावा देने के गुर सिखाए जाएंगे। पाठ्यक्रम में अध्ययन सामग्री, वीडियो आधारित ट्यूटोरियल, केस-आधारित उदाहरण भी शामिल होते हैं। केंद्र की ओर से डीएलईसी फोरलेन फार्मूला आधारित ‘सर्टिफिकेट इन बिजनेस स्किल, डिसेंट्रलाइजेशन, लोकल, एंटरप्रेन्योरशिप तथा कोऑपरेशन’ के साथ ‘फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम सर्टिफिकेट’ का संयुक्त संचालन भी किया जा रहा है। 

    इस संदर्भ में जानकारी देते हुए सेडमैप की कार्यकारी संचालक श्रीमती अनुराधा सिंघई ने बताया कि इसके लिए संयुक्त रूप से एक कोर्स ‘ज्ञान हैंडबुक’ डिजाइन किया गया है जिसमें 37 विभिन्न सेक्टर से सम्बंधित उद्यमिता के आयाम को सम्मिलित किया गया है । साथ में वरिष्ठ विषय विशेषज्ञों एवं अधिकारियों के माध्यम से भी इसमें युवाओं को मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा। सबसे बड़ी बात तो ये है कि इच्छुक युवा इस प्रशिक्षण को ऑनलाइन माध्यम से घर बैठे भी पा सकते हैं और प्रमाण-पत्र भी निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं। प्रत्येक विषय पर जानकारी के साथ प्रत्येक वीडियो  यूटूयूब पर उपलब्ध रहेगा। 

    श्रीमती अनुराधा सिंघई ने बताया कि पाठ्यक्रम में उद्यमिता के उभरते हुए अनेक सेक्टर को सम्मिलित किया गया है. जिसमें प्रमुख रूप से वनौषधि- आयुष एपीआई, 64-कलाओं, सोलह सिंगार, हर्बल, 108 जड़ी-बूटी, मोटा अनाज, 108 भारतीय मसाला, जनजातीय उद्यमिता, हथकरघा-बुटीक, गोबर उत्पाद, पूजन सामग्री, फूड प्रोसेसिंग, भारतीय शिल्प, अलाइड डेयरी, मिलेट बेकरी, महुआ, जैव उर्वरक, घरेलू / दैनिक उपयोग की वस्तुओं, बायोप्लास्टिक, स्पोर्ट्स, योग-नेचुरोपैथी पर्यटन उद्यमिता तथा अन्य सम्बंधित उपसेक्टर शामिल है। जल और ऊर्जा स्वराज के साथ एग्रोएंटरप्रेन्योर तैयार करना, विकसित मध्य प्रदेश, फूड प्रोस‍ेसिंग हब, एग्रोप्रेनर ग्रामीण अर्थव्यवस्‍था के नए इंजन, न्‍यूट्री हब, श्रीअन्‍न सुपरफूड को वर्ल्डवाइड एक्सपोर्ट,  छोटे किसानों के लिए मिलेट्स (श्रीअन्‍न) आधारित उद्यमिता, सौर उर्जा ट्यूबवेलों, कृषि‍ मशीनरी और उपकरण आधारित उद्यमिता, पीएम कि‍सान समृद्धि का वि‍स्‍तार, ड्रोन-कृषि-सैटेलाइट उद्यमिता के क्षमता निर्माण होने से उपज के प्रभावी मार्केटिंग के लिए नए आयामों को स्थापित करना शामिल है।

    श्रीमती अनुराधा सिंघई ने बताया कि इसमें संयुक्त रूप से स्वावलंबी भारत अभियान, मिनिस्ट्री ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉरमेशन टेक्नोलॉजी भारत सरकार प्रोजेक्ट राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक, मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद म.प्र. सरकार, आईसीएआर-अटारी जबलपुर, एकल ग्रामोत्थान फाउंडेशन, स्वर्णिम भारतवर्ष फाउंडेशन के संयुक्त तत्वाधान में भारत के सवा सौ करोड़ ‘ज्ञान’ जी फॉर गरीब, वाई फॉर युवा, ए फॉर अन्नदाता (किसान), एन फॉर नारीशक्ति (महिला) पर ध्यान कर डीएलईसी फार्मूला डिसेंट्रलाइजेशन (विकेंद्रीकरण), लोकल (स्वदेशी), एंटरप्रेन्योरशिप (उद्यमिता), कोऑपरेशन (सहकारिता) आधारित अत्याधुनिक पाठ्यक्रम का नि:शुल्क संचालन किया जा रहा है।  

    श्रीमती अनुराधा सिंघई ने यह भी बताया कि अहिल्याबाई होल्कर जन्म त्रिशताब्दी वर्ष को देखते हुए क्षमता सम्‍वर्धन के इस कार्यक्रम में कुटुंब प्रबोधन और नागरिक शिष्टाचार के साथ स्वदेशी उत्पादन बढ़ाने के लिए स्थानीय संसाधन का पर्यावरण हितैषी के रूप में उपयोग एवं सामजिक समरसता को ध्यान में रखकर सहकारिता आधारित आउट ऑफ बॉक्स थिंकिंग वाले उद्यमिता के माध्यम से क्लास बी और क्लास सी कैटेगरी के स्वदेशी उत्पादों से बड़े पैमाने पर इंपोर्ट कम तथा एक्सपोर्ट को बढ़ावा देने सम्मिलित किया गया है। पंच परिवर्तन के सूत्र सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्व का जागरण तथा नागरिक शिष्टाचार का पालन करते हुए उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र उद्यमिता का निर्माण प्रायोगिक रूप में कराने का प्रशिक्षण भी इस पाठ्यक्रम में शामिल है।