
भोपाल,06 अक्टूबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)”आज हिंदी भाषा विश्व पटल पर सितारा बनकर चमक रही है। दुनिया भर में हिंदी का प्रभाव देखा जा सकता है। आज हिंदी भाषा सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा बन गई है। संयुक्त राष्ट्र संघ में भी हिंदी संपर्क की भाषा बनी हुई है।”उक्त उद्बोधन अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. खेमसिंह डहेरिया ने दिया। अवसर था, प्रगत शैक्षिक अध्ययन संस्थान में हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों के पुरस्कार वितरण समारोह का।
प्रो. डहेरिया ने कहा कि मध्यप्रदेश अकेला ऐसा राज्य है, जहाँ चिकित्सा शास्त्र और इंजीनियरिंग की शिक्षा अब हिंदी में होगी। जिससे अंग्रेजी न जानने वाले और ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों के भी डॉक्टर और इंजीनियर बनने के सपने साकार होंगे। उन्होंने बताया कि आज हिंदी की वैश्विक स्थिति पहले से कई गुना बेहतर हुई है। इसका श्रेय हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को भी जाता है क्योंकि वो जब भी विदेश जाते हैं तो अपनी बात हिंदी में ही रखते हैं। जिससे हिंदी का विश्व स्तर पर सम्मान बढ़ा है। दुनिया भर के अधिकतर देशों में हिंदी को जानने और समझने वाले लोग मिल जाएँगे। फिजी छोटा देश है परंतु उसकी राजभाषा हिंदी है। 12वाँ विश्व हिंदी सम्मेलन फिजी में आयोजित हुआ था। वहाँ पर 2000 से अधिक रामायण मंडलियाँ हैं।
विभिन प्रतियोगिताओं के पुरस्कार प्रदान करते हुए कुलपति महोदय ने काव्य पाठ में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली रुचि सचान एवं द्वितीय स्थान प्राप्त स्वाति चतुर्वेदी से कविता सुनाने का आग्रह किया और उनकी रचना की प्रशंसा की ।
अतिथि का सम्मान संस्थान के प्रमुख श्री शैलेंद्र निगम द्वारा किया गया। संस्थान का परिचय डॉ. फ़र्रुख़ सलीम खान ने दिया। आभार प्रदर्शन डॉ. संगीता गौर सचान द्वारा किया गया। कार्यक्रम में 300 से ज्यादा प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया।
संपूर्ण कार्यक्रम का संयोजन डॉ सपना जैन ने किया ।
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