Month: May 2022

  • बांस चारकोल के निर्यात पर से रोक हटी

    बांस चारकोल के निर्यात पर से रोक हटी

    भोपाल, 22 मई(ऋषभ जैन)। राष्ट्रीय बांस मिशन की ओर से किसानों की आमदनी दोगुनी कराने के उद्देश्य से देश में बांस की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रदेश के किसानों के लिए 19 मई 2022 का दिन सौगात से परिपूर्ण साबित हुआ है। इस दिन देश में पहली बार बम्बू चारकोल के निर्यात पर प्रतिबंध हटा दिया गया है।

    उल्लेखनीय है कि वन विभाग के प्रमुख श्री अशोक वर्णवाल, वन दल प्रमुख श्री आर.के. गुप्ता और बांस मिशन के डायरेक्टर डॉ. उत्तम कुमार सुबुद्धि ने राष्ट्र हित में बांस चारकोल के निर्यात से प्रतिबंध हटाने के लिए ठोस तर्क प्रस्तुत किये थे।

    बांस आधारित उद्योगों और दूरस्त ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को आर्थिक रूप से समृद्ध होने के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय वरदान साबित होगा। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बांस के चारकोल की अधिक माँग है। निर्यात प्रतिबंध हटने से बांस उद्योग अधिक लाभ उठाने में सक्षम होगा। बांस के कचरे का अधिकतम उपयोग भी हो सकेगा।

    बांस चारकोल का उपयोग बार्बेक्यू, मिट्टी के पोषण और उच्च स्तर के चारकोल निर्माण में कच्चे माल के रूप में किया जाता है। अमेरिका, जापान, कोरिया, बेल्जियम, जर्मनी, इटली, फ्रांस और यू.के. के अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी अधिक माँग है।

    वर्तमान में बांस उद्योग बांस के उपयोग और अत्यधिक उच्च लागत से जूझ रहा है। बांस का अधिक उपयोग अगरबत्ती निर्माण में होता है। करीब 16 प्रतिशत बांस का उपयोग अगरबत्ती की लकड़ी बनाने में होता है। अगरबत्ती उद्योग से देश के बड़े हिस्से में लोगों को रोजगार मिलता है। रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की मंशा से ‘कच्ची अगरबत्ती’ पर आयात नीति में बदलाव और गोल बांस की छड़ियों पर आयात शुल्क बढ़ाने की माँग की जाती रही है। बांस की छड़ियाँ वियतनाम और चीन से आयात की जाती हैं। अधिक माँग को देखने के बाद वाणिज्य मंत्रालय ने सितम्बर 2019 में कच्ची अगरबत्ती के आयात पर रोक लगा दी और जून 2020 में गोल बांस की छड़ियों पर आयात शुल्क बढ़ा दिया.

    बांस के उत्पाद में मध्यप्रदेश समृद्ध की श्रेणी में है। यहाँ 18 हजार 394 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में बांस उत्पादन होता है, जो देश में सर्वाधिक है। राज्य बांस मिशन, राष्ट्रीय बांस मिशन की योजनाओं का प्रदेश में क्रियान्वयन करता है। मिशन द्वारा अभी तक 15 हजार हेक्टेयर कृषि-भूमि में बांस पौध-रोपण कराया गया है।

  • जबलपुर में शराब तस्कर का मकान  जमींदोज

    जबलपुर में शराब तस्कर का मकान जमींदोज

    भोपाल,4 मई, (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।मध्य प्रदेश शासन द्वारा भू-मफिया राशन की काला बाजारी, मिलावटखोरों, भू-माफियाओं/चिटफंड कंपनी के कारोबारियों एवं सूदखोरों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही करने के निर्देश प्रशासन व पुलिस विभाग को दिये गये हैं। इन निर्देशों के तहत पुलिस, प्रशासन तथा नगर निगम की संयुक्त टीम के द्वारा इस प्रकार के माफियाओं की लिस्ट एवं उनके द्वारा किये गये अवैध निर्माण एवं कब्जे की जानकारी तैयार की गई है तथा उनके विरूद्ध कार्यवाही की योजना तैयार कर लगातार कार्यवाही की जा रही है।

    इसी क्रम में आज कलेक्टर जबलपुर डॉ. इलैयाराजा टी. एवं पुलिस अधीक्षक जबलपुर श्री सिद्धार्थ बहुगुणा तथा नगर निगम कमिश्नर श्री आशीष वशिष्ठ के मार्गदर्शन में थाना हनुमानताल अंतर्गत महिला शराब तस्कर मीरा बाई सोनकर जिसके विरूद्ध 21 अपराध आबकारी एक्ट के एवं मीरा बाई सोनकर के पांच बेटे बाबा सोनकर के विरूद्ध 31 अपराध, बोरा उर्फ मोनू सोनकर के विरूद्ध 30 अपराध, कल्लू उर्फ श्याम सोनकर के विरूद्ध 28 अपराध, सोनू सोनकर के विरूद्ध 27 अपराध, राजा सोनकर के विरूद्ध 12 अपराध हत्या का प्रयास, एनडीपीएस एक्ट, अवैघ वसूली, आर्म्स एक्ट, बलवा कर घर में घुसकर मारपीट तोड़फोड़ , आबकारी एक्ट , जुआ आदि के दर्ज हैं, के द्वारा बाबा टोला सिंध केम्प में लगभग 3000 वर्गफुट भूमि जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़  रूपये है पर अनाधिकृत रूप से लगभग 50 लाख रूपये की लागत से निर्मित दो मकान को जमींदोज किया गया।

    विवाद होने की आशंका को ध्यान मे रखते हुये कार्यवाही के दौरान एस.डी.एम. आधारताल श्री नमः शिवाय अरजरिया, नगर पुलिस अधीक्षक गोहलपुर श्री अखिलेश गौर, नगर पुलिस अधीक्षक अधारताल श्रीमती प्रियंका करचाम, नायब तहसीलदार श्री संदीप जायसवाल एवं श्री श्याम आनंद, थाना प्रभारी हनुमानताल श्री उमेश गोल्हानी, थाना प्रभारी कैंट श्री विजय तिवारी, थाना प्रभारी बेलबाग सुश्री प्रियंका केवट, टूआईसी अधारताल, टूआईसी गोहलपुर, नगर निगम भवन अधिकारी श्री मनीष तड़से, नगर निगम अतिक्रमण दस्ता प्रभारी श्री लक्ष्मण कोरी, श्री अहसान खान सहित थाने एवं नगर निगम के कर्मचारी मौजूद थे।