Month: September 2021

  • जन संतोष हमारा दायित्वःविवेक जौहरी

    जन संतोष हमारा दायित्वःविवेक जौहरी

    महिला अपराध अनुसंधान कौशल उन्‍नयन विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्‍पन्‍न

    भोपाल, 23 सिंतबर (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर). पुलिस मुख्‍यालय में दो दिवसीय महिला अपराध अनुसंधान कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन पुलिस महानिदेशक विवेक जौहरी के मुख्‍य आतिथ्‍य तथा जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश सुश्री गिरीबाला सिंह के विशेष आतिथ्‍य में संपन्‍न हुआ।

          डीजीपी श्री जौहरी ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि महिला अपराध की विवेचना तथा की जाने वाली कार्यवाहियों में संवेदनशीलता अत्‍यावश्‍यक है। पीडि़त के साथ सहानुभूति पूर्ण सद्व्‍यवहार करें। कानून की जानकारी अद्यतन (अपडेट) रखें। सर्वोच्‍च न्‍यायालय, उच्‍च न्‍यायालय के नवीन निर्णयों का अध्‍ययन करें। पीडि़ता को शासन द्वारा उपलब्‍ध कराई जा रही सहायता और सुविधाओं से सुविज्ञ रहें। प्रशिक्षण लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। जनअपेक्षाओं पर खरा उतरना हमारा दायित्‍व है, आदर्श पुलिसिंग करने का प्रयास करें।

          जिला एवं सत्र न्‍यायाधीश सुश्री गिरीबाला सिंह ने कहा कि न्‍याय होने के साथ-साथ होता हुआ दिखना भी चाहिए। विवेचना में निष्‍पक्षता एवं तथ्‍यात्‍मक दृष्टिकोण होना चाहिए। पीडि़त पक्ष की शिकायत दर्ज करते समय पूर्वागृहों से पूर्णत: मुक्‍त रहें। पीडि़त की आस्‍था और विश्‍वास का केन्‍द्र आप ही होते हैं अत: अपने उत्‍तरदायित्‍व से पूरा न्‍याय करें। अनुसंधान में तथ्‍यों की स्‍पष्‍टता पर पूरा ध्‍यान दें। अपने काम का खुद ऑडिट करें तभी सकारात्‍मक परिवर्तन ला सकेंगें।

          अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक (महिला अपराध) श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्‍तव ने बताया कि विगत दो वर्षों से पहला ऑफलाईन प्रशिक्षण कार्यक्रम रहा। जिसमें अच्‍छी सहभागिता रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का फीडबेक उप पुलिस अधीक्षक आशुतोष पटेल तथा निरीक्षक सुश्री ज्‍योति सिंह ने दिया। प्रशिक्षुओं में उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों में निरीक्षक सुश्री प्रियंका पाठक, उप पुलिस अधीक्षक संदीप मालवीय, सुश्री यशस्‍वी शिंदे, सुश्री कीर्ति बघेल तथा अनिल कुमार को अतिथियों द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

  • क्रिप्टो करंसी के अपराधों पर पुलिस की नजर

    क्रिप्टो करंसी के अपराधों पर पुलिस की नजर

    साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एंड इंटेलिजेंस समिट 2021

    भोपाल, 23 सितंबर (प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)। तीसरे दिन के उद्घाटन सत्र में उपस्थित पैनल मेंबर्स ने बताया कि कैसे क्रिप्टोकरेंसी और क्रिप्टो-लेन-देन ने साइबर अपराध परिदृश्य और डार्कवेब पर उनके उपयोग को प्रभावित किया है। इस सत्र का संचालन सहायक पुलिस महानिरीक्षक सायबर सेल रियाज इकबाल ने किया। इस सत्र में पुलिस महानिरीक्षक महाराष्‍ट्र पुलिस बृजेश सिंह, अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक विशेष शाखा योगेश चौधरी और सायबर एक्सपर्ट जितेंद्र सिंह पैनलिस्ट के रूप में उपस्थित रहे। चर्चा में विभिन्न प्रकार के लेन-देन के हस्ताक्षर, आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले टर्म्स और शब्दावली, इंटरनेट पर क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग – डार्क वेब में ख़रीद फरोख्‍त से लेकर शुल्क और सेवाएं शामिल थे।

    दूसरा सत्र क्रिप्टोकरेंसी से सम्बंधित साइबर अपराध की जांच के इर्द-गिर्द रहा जिसमें इंटरनेट ऑडियंस ने कई सवाल पूछे। सत्र की अध्यक्षता अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक विशेष शाखा योगेश चौधरी ने की। श्री चौधरी ने क्रिप्टोकरेंसी से सम्बंधित एक केस पर चर्चा की जिसमें एक निवेशक के साथ लगभग एक करोड़ रुपये (136,000 अमरीकी डॉलर) की धोखाधड़ी की गई। इस धोखाधड़ी में पाकिस्तान, चीन और अन्य देशों में स्थित अपराधियों के बीच अंतर्राष्ट्रीय सांठ-गांठ पाई गई।

    अगले दो सत्र में भारतीय दृष्टिकोण से क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य पर विस्तृत चर्चा हुई। इन सत्रों को सीईओ वज़ीरएक्स निश्चल शेट्टी और कॉइनडीसीएक्स के संस्थापक और सीईओ सुमित गुप्ता ने संबोधित किया । सत्रों में ब्लॉकचेन प्रौद्योगिकी की प्रकृति और अन्य पहलुओं के बीच एक विकेन्द्रीकृत वित्तीय प्रणाली की खूबियों पर चर्चा की गई।

    अंतिम सत्र को अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षक संचार डेटा विशेषज्ञ, राष्ट्रीय साइबर अपराध कानून प्रवर्तन यूके पुलिस मार्क बेंटले ने संबोधित किया। यह सत्र क्रिप्टोकोरेंसी की जांच और डार्कवेब पर क्रिप्टोकरेंसी के उपयोग से सम्बंधित रहा |

  • बिजली क्रांति बढ़ाएगी मुद्रा भंडार

    बिजली क्रांति बढ़ाएगी मुद्रा भंडार

    
    
    
    
    


    रमेश कुमार दुबे
    बिजली से चलने वाले वाहन अर्थव्‍यवस्‍था के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी मुफीद साबित होंगे। इसी प्रकार इलेक्‍ट्रिक वाहन पेरिस जलवायु समझौते की शर्तों के अनुपालन में भी मददगार बनेंगे। इतना ही नहीं इलेक्‍ट्रिक वाहनों के साथ आने वाली स्‍वचालन तकनीक से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। स्‍पष्‍ट है, मोदी सरकार ने जो कदम उठाया है वह देश में एक नई बिजली क्रांति का आगाज करेगा।

    दुनिया भर में बिजली खपत में भारी असमानता पाई जाती है। इतना ही नहीं जहां विकसित देशों में जीवन के हर पहलू में बिजली की भरपूर भागीदारी रही है, वहीं भारत जैसे विकासशील देशों में बिजली की भूमिका रोशनी और औद्योगिक गतिविधियों तक सिमटी रही।

    दशकों की उपेक्षा के बाद भारत में भी बिजली की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास शुरू हो चुके हैं। देश के हर गांव तक बिजली पहुंचाने के बाद प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने सातों दिन-चौबीसों घंटे बिजली मुहैया कराने का महत्‍वाकांक्षी लक्ष्‍य तय किया है। इसके साथ-साथ सरकार देश के समूचे परिवहन तंत्र को पेट्रोल-डीजल के बजाए बिजली आधारित करने की महत्‍वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है। रेल लाइनों का विद्युतीकरण और 2030 तक कुल वाहनों के 25 फीसदी को इलेक्‍ट्रिक वाहन करने का लक्ष्‍य है।


    इलेक्‍ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मोदी सरकार ने 2015 में फास्‍टर एडॉप्‍शन एंड मैनुफैक्‍चरिंग ऑफ इलेक्‍ट्रिक ह्विकल (फेम)-1 शुरू किया था। इसे मिली कामयाबी को देखते हुए 28 फरवरी को कैबिनेट ने फेम के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी। इसके तहत देश में इलेक्‍ट्रिक वाहनों को प्रोत्‍साहन देने के लिए 10,000 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया है।

    यह राशि इलेक्‍ट्रिक वाहनों और इलेक्‍ट्रिक इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर खर्च की जाएगी जिससे 2030 तक 100 फीसदी वाहनों को इलेक्‍ट्रिक बनाने का काम किया जा सके। फेम-2 के अंतर्गत इलेक्‍ट्रिक वाहनों की खरीद को सस्‍ता बनाने और चार्जिंग स्‍टेशनों की पर्याप्‍त व्‍यवस्‍था पर काम किया जाएगा।

    फेम-2 योजना के तहत इलेक्‍ट्रिक वाहन 20,000 से 2.5 लाख रूपये तक सस्‍ते हो जाएंगे। वाहनों को सस्‍ता बनाने के लिए वाणिज्‍यिक वाहनों को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार का लक्ष्‍य है कि तय समय के भीतर देश में 10 लाख इलेक्‍ट्रिक दोपहिया, पांच लाख इलेक्‍ट्रिक तिपहिया, 55000 इलेक्‍ट्रिक कार और 70000 इलेक्‍ट्रिक बस खरीदी जाएं। यह प्रोत्‍साहन सिर्फ उन्‍हें दिया जाएगा जो लिथियम आयन बैटरी से युक्‍त वाहन खरीदेंगे।

    योजना के तहत महानगरों, टू टियर शहरों और पहाड़ी इलाकों में 2700 चार्जिंग स्‍टेशन लगाए जाएंगे। इन शहरों में हर तीन किमी पर एक चार्जिंग स्‍टेशन और राजमार्गों पर हर 25 किमी पर चार्जिंग स्‍टेशन लगाने का लक्ष्‍य रखा गया है। इसके साथ-साथ रिहाइशी इलाकों में भी चार्जिंग स्‍टेशन लगाए जाएंगे।

    इस दिशा में आंध्र प्रदेश सरकार ने एक बड़ी पहल करते हुए 2024 तक पेट्रोल-डीजल कारों के पंजीकरण रोकने और अगले पांच वर्षों में सड़कों पर 10 लाख इलेक्‍ट्रिक वाहन लाने की घोषणा की है। इसके साथ-साथ 2024 तक सभी सरकारी वाहनों को इलेक्‍ट्रिक वाहनों में बदल दिया जाएगा। कमोबेश इसी तरह की पहल कर्नाटक सरकार ने भी की है।

    अधिक से अधिक लोग पेट्रोल-डीजल के बजाए बिजली से चलने वाले वाहन अपनाएं इसके लिए सरकार खुद पहल कर रही है। हाल ही में सरकार ने टाटा मोटर्स से 10,000 इलेक्‍ट्रिक वाहन खरीदने का समझौता किया है। बिजली मंत्रालय के मुताबिक इस दिशा में सबसे बड़ी बाधा कीमत है लेकिन एलईडी बल्‍ब का उदाहरण सरकार के लिए प्रेरणा का काम कर रहा है। गौरतलब है कि शुरू में एलईडी बल्‍ब बहुत महंगे पड़ते थे लेकिन जब देश में इनका बड़े पैमाने पर उत्‍पादन होने लगा तब इनकी कीमतों में तेजी से कमी आई। इसी तरह बैटरी रिक्‍शा व सोलर पंप को मिल रही लोकप्रियता भी सरकार का उत्‍साह बढ़ा रही है।

    फिर लीथियन ऑयन आधारित बैटरी की कीमतों में गिरावट से इलेक्‍ट्रिक वाहनों की लागत कम हो रही है। दूसरी ओर कठोर उत्‍सर्जन मानकों के कारण पेट्रोल-डीजल वाहनों की कीमत लगातार बढ़ रही है। मौजूदा अनुसंधान को देखें तो अगले पांच वर्षों में डीजल-पेटोल व बिजली से चलने वाले वाहनों की लागत लगभग एक समान हो जाएगी।

    स्‍पष्‍ट है, यदि भारत ढांचागत बदलाव नहीं करता तो उसे बड़े पैमाने पर इलेक्‍ट्रिक वाहन व संबंधित कल-पुर्जा आयात करना पड़ेगा। जर्मनी, चीन, अमेरिका जैसे देश पेट्रोल-डीजल की जगह इलेक्‍ट्रिक वाहन पर फोकस कर चुके हैं। इन देशों में वाहन निर्माताओं को 30-40 फीसदी सब्‍सिडी मिल रही है। भारत में इतनी सब्‍सिडी संभव नहीं है। इसलिए उसे समय पर कदम उठाना पड़ेगा।

    भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी पेट्रोलियम पदार्थ आयात करता है। ऐसे में परिवहन क्षेत्र में हो रही बिजली क्रांति से न केवल आयात पर निर्भरता घटेगी बल्‍कि पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आएगी। नीति आयोग की रिपोर्ट के मुताबिक इलेक्‍ट्रिक वाहनों के इस्‍तेमाल से 2030 तक सड़क परिवहन में खपत होने वाली ऊर्जा में 64 फीसदी और कार्बन उत्‍सर्जन में 37 फीसदी की कमी आएगी।

    स्‍पष्‍ट है, बिजली से चलने वाले वाहन अर्थव्‍यवस्‍था के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी मुफीद साबित होंगे। इसी प्रकार इलेक्‍ट्रिक वाहन पेरिस जलवायु समझौते की शर्तों के अनुपालन में भी मददगार बनेंगे। इतना ही नहीं इलेक्‍ट्रिक वाहनों के साथ आने वाली स्‍वचालन तकनीक से सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। स्‍पष्‍ट है, मोदी सरकार ने जो कदम उठाया है वह देश में एक नई बिजली क्रांति का आगाज करेगा।

  • पर्यूषण पर्व में जीवन सूत्रों की साधना का दौर

    पर्यूषण पर्व में जीवन सूत्रों की साधना का दौर

    भोपाल,04सितंबर(प्रेस इंफार्मेशन सेंटर)।राजधानी में अरेरा कालोनी स्थित जैन स्थानक भवन में आज आठ दिनों तक चलने वाले पर्यूषण पर्व का श्रद्धा पूर्वक शुभारंभ हुआ।अरेरा कालोनी इ-3। 40 में स्वाध्यायी बहनें बैतूल की श्राविका शकुंतला जैन और महेश्वर की हेमलता वाणी के सानिध्य में प्रातः 6 बजे से हर दिन बारह घंटों का नवकार मंत्र जाप कराया जाएगा।


    आज के प्रवचनों में बहन शकुंतला जैन ने बताया कि जीवन में ज्ञान सर्वोपरि है। ज्ञान के बगैर किसी कार्य की सिद्धि नहीं की जा सकती। अच्छे और संस्कारयुक्त ज्ञान से मनुष्य का जीवन सार्थक हो जाता है।ज्ञानी व्यक्तियों से जीवन के रहस्य सरलता पूर्वक समझे जा सकते हैं। हम प्रतिष्ठित डाक्टरों, वकीलों और इंजीनियरों के पास जाकर जिस तरह अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करते हैं उसी तरह संतों के पास जाकर जीवन दर्शन को समझते हैं। अपने क्षेत्र के इन विशेषज्ञों ने कड़ी साधना करके ज्ञान अर्जन किया है,इसी वजह से लोग उनकी ओर अपेक्षा भरी निगाहों से देखते हैं।


    उन्होंने कहा कि पर्यूषण पर्व भी ऐसा ही एक अवसर है जिसके दौरान हम धर्म के माध्यम से जीवन को सफल बनाने के गुर सीखते हैं। यदि हम श्रद्दा के साथ जीवन के सूत्रों को सीखने का प्रयास करेंगे तो धीरे धीरे हम भी अपनी जाग्रत अवस्था को हासिल कर लेंगे।


    बहन हेमलता वाणी ने श्रावकों को संदेश देते हुए बताया कि स्थानक भवन में हर दिन सुबह 7 बजे से प्रार्थना और साढ़े आठ बजे से अंतगड़ सूत्र का वाचन किया जाएगा। इसके बाद धार्मिक प्रवचन और प्रतियोगिताएं भी होंगी। ये सभी कार्यक्रम 11 सितंबर तक लगातार होंगे। सायंकालीन प्रतिक्रमण में साढ़े छह बजे से धार्मिक भजनों का भी आयोजन होगा। इस दौरान धर्मप्रेमी बंधुओं के निवास और भोजन की व्यवस्था भी रहेगी,जिससे उन्हें साधना में व्यवधान न हो। हर दिन अलग अलग जीवन सूत्रों पर व्याख्यान और शंका समाधान भी होगा। आज इस धार्मिक अनुष्ठान के शुभारंभ अवसर पर राजधानी के स्थानकवासी परिवारों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस संस्कार शिविर का लाभ प्राप्त किया।