Month: February 2021

  • विंध्य की सत्ता को मजबूती देंगे नए विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम

    विंध्य की सत्ता को मजबूती देंगे नए विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम

    भोपाल,21 फरवरी( प्रेस सूचना केन्द्र)। मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार 22 फरवरी से प्रारंभ होने जा रहा है। नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद एक बार फिर विंध्यक्षेत्र में रीवा जिले के देवतालाब से चौथी बार विधायक निर्वाचित हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरीश गौतम इस सत्र की अध्यक्षता करेंगे। आज हुई बैठक के बाद श्री गौतम ने विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल किया। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने उनके विरोध में कोई प्रत्याशी नहीं उतारने का निर्णय लिया है।

    मध्यप्रदेश की पंद्रहवीं विधानसभा का ये बजट सत्र कल 22 फरवरी से प्रारंभ होकर 26 मार्च 2021 तक चलेगा।इस विधानसभा का ये अष्टम सत्र होगा। इस 33 दिवसीय सत्र में कुल 23 बैठकें होंगी।इस दौरान आगामी वित्तीय वर्ष 2021-22 का बजट प्रस्तुत होगा। अध्यक्ष के निर्वाचन के बाद राज्यपाल का अभिभाषण होगा।

    भाजपा के वरिष्ठ विधायक गिरीश गौतम को विधानसभा अध्यक्ष के रूप में अवसर देकर भाजपा ने विंध्यक्षेत्र को एक बार फिर सत्ता में मजबूत भागीदारी दी है। मध्यप्रदेश के पिछले विधानसभा चुनाव में विंध्य क्षेत्र ने भाजपा को सर्वाधिक सीटें दीं थीं। इसके बावजूद मंत्रिमंडल में विंध्य क्षेत्र को अधिक प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाया था। चंबल, मालवा, निमाड़,बुंदेलखंड और निमाड़ में तो कांग्रेस ने 2018 में अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन विंध्य के साथ न देने से ही कांग्रेस की सरकार कमजोर रही और अंततः उसे सत्ता से बाहर होना पड़ा। इसके बावजूद शिवराज सिंह सरकार में विंध्य क्षेत्र के केवल तीन विधायकों को ही जगह मिल सकी थी। मैहर के विधायक तो विंध्य क्षेत्र को प्रतिनिधित्व दिए जाने को लेकर खुला विरोध दर्ज करा चुके हैं।

    विंध्य क्षेत्र के ही श्रीनिवास तिवारी कांग्रेस सरकार में 1993 से 2003 तक स्पीकर रह चुके हैं। उन्हें मझगंवा से चुनाव हराकर 2003 में श्री गिरीश गौतम विधानसभा पहुंचे थे। परिसीमन के बाद वे देवतालाब से 2008 में भाजपा विधायक निर्वाचित हुए थे।

  • ब्लाक लेवल पर दोगुनी करेंगे किसानों की आयःकमल पटेल

    ब्लाक लेवल पर दोगुनी करेंगे किसानों की आयःकमल पटेल

    भोपाल,02 फरवरी(प्रेस सूचना केन्द्र)। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए हर ब्लाक में दो फूड प्रोड्यूसर आर्गेनाईजेशन(एपपीओ) बनाए जा रहे हैं। इनके माध्यम से किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग आंदोलन के माध्यम से किसानों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं उनकी सदबुद्धि के लिए वे चार फरवरी को उपवास पर बैठेंगे।

    राजधानी में सेन्ट्रल प्रेस क्लब की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में श्री पटेल ने मध्यप्रदेश में किसानों के लिए चलाई जा रहीं विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गांव की संपत्तियों को नक्शे पर लाकर भाजपा ने किसानों को लाचारी से बाहर निकालने में मदद की है। आज गांव की संपत्तियों पर लोन भी मिल सकता है और जमानत भी।

    उन्होंने कहा कि किसान अब और गुमराह न हों तथा इस बात को समझें कि प्रधानमंत्री द्वारा लाए गए तीनों किसान कानून देश के करोड़ों किसानों को मजबूत बनाएगा और किसान परिवारों का भविष्य इन तीनों कानून से संवेरगा। उन्होंने कहा कि यह कृषि कानून किसानों के हित में हैं, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ी सूझ-बूझ के साथ लाया है। कुछ बिचौलिये जरूर इसे गलत रूप देने में लगे हुए हैं। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि कोरोना काल में यही किसान, मजदूर खेत में काम करके पूरी दुनिया के लिए अनाज पैदा करा रहे थे। देश के 130 करोड़ लोगों को दोनों टाइम का भोजन मिला, अगर किसान भी तय कर लेता कि लॉक डाउन में हमें घर से नहीं निकलना है तो कल्पना कीजिए फिर क्या होता। इसलिए किसान अन्नदाता के साथ-साथ जीवनदाता है। उन्होंने कहा कि लेकिन गांधी जी के नाम पर जिन लोगों ने देश पर 60 सालों तक राज किया, लेकिन उन्होंने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। देश के पहले प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे, जिन्होंने गांधी जी के सपने को पूरा करने के लिए गांव की और ध्यान दिया।

    कृषि मंत्री ने पत्रकारों के सवालों के जवाब में कहा कि मध्यप्रदेश सरकार की आर्थिक स्थिति मजबूत होने पर किसानों के कर्ज माफी पर विचार करेंगे। अभी तो किसान को कैसे व्यवसायिक रूप से मजबूत और सक्षम बनाने के लिए काम किये जा रहे है। किसानों से गेहूं के आलावा चना, मसूर, सरसों, उड़द की खरीदी भी फरवरी माह से शुरू कर दी है। कुल मिलाकर अब किसान को अपनी फसल का उचित दाम दिलाने के लिए राज्य सरकार कटिबद्ध है।

    कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि किसानों से जुड़े हुए कई पायलेट प्रोजेक्ट पर हरदा जिले में काम हो रहा है, जिसे आने वाले समय में पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। उन्होंने 15 महीनों वाली कमलनाथ सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि किसानों के साथ सबसे बड़ा छलावा तो कर्जमाफी के नाम पर किया गया है। लेकिन शिवराज सरकार किसानों के साथ उनकी हर एक परेशानी में साथ है और उन्हें संबल देने का काम निरंतर कर रही है।