आपमें काम शुरु करने की ताकत होती तो आईएएस अफसर बनकर नौकरी नहीं करते-गडकरी

नागपुर 20 जनवरी(प्रेस सूचना केन्द्र)। केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने आईएएस अफसरों के काम पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा- ‘मैं आपको सच बताता हूं, पैसे की कोई कमी नहीं है, जो कुछ कमी है वो सरकार में काम करने वाली मानसिकता की है। जो निगेटिव एटीट्यूड है, निर्णय करने में जो हिम्मत चाहिए, वो नहीं है।’ केंद्रीय मंत्री रविवार को नागपुर में विश्वेश्वरैया राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान के हीरक जयंती समारोह के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।

नितिन गडकरी ने आगे कहा- ‘परसों मैं एक बड़े फोरम में था, वे(आईएएस अफसर) कह रहे थे- हम यह शुरू करेंगे, वो शुरू करेंगे, तो मैंने उनको कहा- आप क्यों शुरू करेंगे? आपकी अगर शुरू करने की ताकत होती तो आप आईएएस अफसर बनकर यहां नौकरी नहीं करते। उन्होंने आगे कहा कि आप जाकर कोई बड़ा उद्योग कर सकते थे, आपका यह काम नहीं है, जो कर सकता है उसकी आप ज्यादा मदद करो, आप इस लफड़े में मत पड़ो। वी आर ओनली फैसिलिटेटर।’

इस दौरान गडकरी ने अपने लक्ष्यों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच साल में हमने 17 लाख करोड़ रुपए के काम करवाए हैं। इस साल वह 5 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचना चाहते हैं।

केंद्रीय मंत्री गडकरी ने यह भी कहा कि लोगों को उस क्षेत्र में काम करना चाहिए, जिसमें वे अच्छा कर सकते हैं। इससे पहले गडकरी ने रविवार को छत्रपति नगर के एक ग्राउंड में क्रिकेट भी खेला। उन्होंने शहर के कई ग्राउंड्स का दौरा किया। साथ ही खासदर क्रीड़ा महोत्सव के खिलाड़ियों की हौसला अफजाई भी की। केंद्रीय मंत्री ने एक ने एक ट्वीट में कहा- मैंने शहर की कई जगहों पर खिलाड़ियों के साथ अच्छा वक्त बिताया। छत्रपति नगर में मैं खुद को खिलाड़ियों के साथ खेलने से नहीं रोक सका।

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