Month: December 2016

  • अब भोपाल में महावीर पथ प्रशस्त करेगा जीतो

    अब भोपाल में महावीर पथ प्रशस्त करेगा जीतो

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    भोपाल,17 दिसंबर(पीआईसीएमपीडाटकाम)। जैन इंटरनेशनल ट्रेड आर्गेनाईजेशन(जीतो) अब भोपाल से भी भगवान महावीर का उद्घोष करता नजर आएगा। संस्था ने आज भोपाल के प्रसिद्ध कारोबारी सुनील जैन 501 को भोपाल चेप्टर की जवाबदारी सौंपी है। तुलसी मानस प्रतिष्ठान के सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में संस्था के भोपाल चेप्टर से जुड़ने वाले सभी पदाधिकारियों को पर्यटन मंत्री सुरेन्द्र पटवा ने शपथ दिलाई।पूर्व विधायक सुनील जैन भी इस अवसर पर मौजूद थे।
    भोपाल के युवा कारोबारी सुनील जैन 501 को दो साल के लिए जीतो के भोपाल चेप्टर का अध्यक्ष बनाया गया है। उनके साथ सीए अखिलेश जैन, जयदीप जैन और निलय जैन ने 11-11 लाख की सहयोग राशि देकर प्रतिभाशाली बच्चों और उद्यमियों को बेहतर नागरिक बनाने की शपथ ली। एक एक लाख रुपए की सहयोग राशि देने वालों में सर्व श्री देवेन्द्र जैन, राकेश जैन, प्रियंक जैन,विजय तारण, राजेंद्र जैन टीआई,नीरव जैन,प्रमोद जैन हिमांशु,प्रदीप जैन नॉहर कलां,संदीप जैन गोधा,सौरभ जैन गोखरू,मुकेश जैन शीतल,विवेक चौधरी,डॉ,रूपेश जैन,अनु डागा, जेएल गाँधी,बीएस मोदी,सुभाष भंडारी,सिम्मी जैन,विक्रम जैन,विकास जैन,नितिन नादगॉंवकर,राकेश अनुपम,ने भी सहयोग की घोषणा की।
    सुरेन्द्र पटवा ने कहा कि हम समाज का कर्ज उसी को लौटाने की व्यवस्था कर रहे हैं।सकारात्मकता से उसे हासिल करेंगे।देश भर मेें आज कई छात्र छात्राएं, उद्योगपति, राजनेता जीतो के सहयोग से भगवान महावीर के उपदेशों के अनुसार सामाजिक गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं। संस्था का उद्देश्य देश को सफल राष्ट्र बनाना है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी समाज के अंतिम व्यक्ति के कल्याण की बात कहती है। हमारे प्रेरणा पुरुष पं. दीनदयाल उपाध्याय ने अंत्योदय की अवधारणा दी थी। ये स्ंस्था भी संसाधन विहीन लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को खोजकर उन्हें अपना सर्वोत्तम योगदान देने के लिए तत्पर रहती है। भोपाल चेप्टर के प्रारंभ होने से मध्यप्रदेश के बड़े हिस्से में युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रशस्त होंगे। उन्होंने संस्था के पदाधिकारियों और नए सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।
    डॉ अनिल भंडारी ने स्वागत भाषण दिया,संस्थापक अध्यक्ष शांतिलाल कँवर ने बताया कि संस्था ने भगवान महावीर के जीवन दर्शन से देश और दुनिया को सफल बनाने का अभियान चलाया है।उन्होंने कहा कि विश्व में कई जाति समुदाय अपनी योग्यता के लिए पहचाने जाते हैं। भगवान महावीर के उपदेशों में आस्था रखने वाले जैन बंधु समाज के किसी भी वर्ग से आते हों लेकिन वे समय समय पर समाज के बीच अपने कार्यों, बुद्धिमत्ता और सेवा भावना से प्रकाश स्तंभ बन जाते हैं। उन्हें अपने जीवन की सर्वोत्कृष्ट पारी खेलने के लिए तरह तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ता है। जैन समाज के कई बुद्धिजीवियों और साधुओं ने इस विषय पर चिंतन करके इस संस्था का गठन किया है। जैन समाज अपने सारे आयोजन परस्पर सहयोग से सफल बनाते रहे हैं। नई पीढ़ी के प्रतिभाशाली युवाओं को समाज की मुख्य धारा में मजबूती से खड़ा करने के लिए समाज के बीच से ही जीतो का गठन किया गया। आज इस संस्था के पास लगभग 220 करोड़ का स्थायी फंड है। इसके ब्याज से ही संस्था की तमाम गतिविधियां चलती हैं। हमने युवाओं के लिए कोचिंग, हास्टल, उद्यमियों के लिेए वर्किंग कैपिटल आदि देकर उन्हें समाज के बीच सिर उठाकर चलने का मौका दिया है। सबसे बड़ी बात तो ये है कि ये सब किसी व्यक्तिविशेष की कृपा से नहीं बल्कि भगवान महावीर की विचारधारा को सफल बनाने की सोच के कारण संभव हो सका है। हमने साधुओं के स्वास्थ्य के लिए विशेष फंड बनाया है। जैन धर्मावलंबियों की किसी भी विचारधारा से जुड़े साधु के लिए हम संपूर्ण स्वास्थ्य पैकेज प्रदान करते हैं। संस्था से जुड़े उद्योगपति सतीश पारख ने संस्था के कार्यक्रमों की जानकारी दी।सीईओ ललित जैन ने कार्यक्रम का संचालन किया।
    देवरी के पूर्व कांग्रेसी विधायक सुनील जैन,सुरेश जैन आईएएस,जस्टिस अभय गोहिल,उद्योगपति विनोद डागा, ने भी मंच पर अपनी उपद्थिति दर्ज कराई।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जैन गणमान्य नागरिक और समाज के जागरूक लोग भी उपस्थित हुए।

  • दिमागी बीमारियों से बचना है तो पौष्टिक खाएं और पसीना बहाएं

    दिमागी बीमारियों से बचना है तो पौष्टिक खाएं और पसीना बहाएं

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    भोपाल । मेदांता अस्पताल गुड़गांव और मेदांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल इंदौर के डाक्टरों का कहना है कि मिर्गी, दिमाग में खून का थक्का जमने से होने वाले लकवे और ब्रेन ट्यूमर जैसे रोगों से बचना है तो हमें पौष्टिक भोजन के साथ साथ भरपूर वर्जिश करके खुद को स्वस्थ रखना होगा। मध्यप्रदेश के गंभीर रोगियों के लिए मेदांता अस्पताल ने कई आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं जुटाईं हैं। प्रदेश के डाक्टरों को और आम नागरिकों को अब दिमागी बीमारियों के निदान के लिए इंदौर में ही ये सुविधाएं उपलब्ध होने लगीं हैं।
    मध्यप्रदेश प्रेस क्लब की ओर से आयोजित प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में आए न्यूरोलाजी के विशेषज्ञ डॉ.आत्माराम बंसल, डॉ.स्वाति चिंचुरे और डॉ.सुधीर दुबे ने दिमागी बीमारियों के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुए लोगों को भरोसा दिलाया कि दिमागी बीमारियों के उचित निदान के लिए अब लोगों को उचित मार्गदर्शन आसानी से मिलना संभव हो गया है।
    डॉ.सुधीर दुबे ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को देखने, सुनने, बोलने, खाना गटकने में तकलीफ हो,हाथ पैर में तकलीफ हो, शरीर के किसी अंग में सुन्नपन होतो तो उसे तत्काल न्यूरो फिजिशियन से मार्गदर्शन लेना चाहिए।
    डॉ. स्वाति चिंचुरे ने कहा कि दिमाग में खून का थक्का जमने, लकवा लगने की स्थिति में अब सिर की खोपड़ी को काटे बगैर तंत्रिकाओं का इलाज संभव है। पैर की या हाथ की नस से उपकरण मरीज के दिमाग में पहुंचाया जाता है और उससे तंत्रिकाओं की रुकावट दूर की जाती है। इससे डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों का भी सफल इलाज संभव हो गया है।
    डॉ. आत्माराम बंसल ने कहा कि दिमाग के किसी हिस्से में करंट बढ़ जाने से लोगों को मिर्गी आने लगती है। जिस मरीज को मिर्गी आ रही है उसके परिजनों को उसका वीडियो बना लेना चाहिए ताकि डाक्टर को उसका इलाज करने में आसानी हो सके। मेदांता अस्पताल में मरीज के दिमाग की स्केनिंग करके दिमाग के उस हिस्से का पता लगाया जाता है जहां से मिर्गी पैदा हो रही हो। इसके बाद यदि मरीज गंभीर स्थिति में हो तो उसके दिमाग का वो हिस्सा निकाल दिया जाता है। यदि बीमारी गंभीर नहीं है तो दवाईयों से भी मरीज का इलाज संभव हो जाता है। उन्होंने कहा कि अब आधुनिक दवाओं और चिकित्सा सुविधाओं से मिर्गी लाईलाज नहीं रही है।

  • गृहमंत्री की जिद से जेल महकमे में कोहराम

    गृहमंत्री की जिद से जेल महकमे में कोहराम

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    बंटी बबली की जोड़ी के सामने आईपीएस लाबी ने घुटने टेके
    -आलोक सिंघई-
    भोपाल,7 दिसंबर। गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह और जेल मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले के बीच ठनी रार ने जेल महकमे के अफसरों में असमंजस के हालात बना दिए हैं। भोपाल की केन्द्रीय जेल से सिमी आतंकवादियों कीफरारी और मुठभेड़ में उनके सफाए के बाद से कोई अधिकारी सरकार का उचित मार्गदर्शन करना नहीं चाह रहा है। नतीजतन पूरे महकमे में अफरातफरी मच गई है। गृहमंत्री के बाल सखा और उज्जैन केन्द्रीय जेल के अधीक्षक गोपाल ताम्रकार ने कुछ ऐसा ताना बाना बुना है कि विभाग के आला अफसर भी खुद को लाचार महसूस कर रहे हैं। उनकी हालत सांप छछूंदर की तरह हो गई है शासन का आदेश मानते हैं तो गृहमंत्री नाराज और गृहमंत्री की बात मानते हैं तो जेल मंत्री नाराज। इस करामात की असली वजह भोपाल जेल टूटने के बाद हटाए गए जेल डीजी सुशोभन बैनर्जी और उनकी सहेली अफसर ( बंटी बबली की जोड़ी )बताए जा रहे हैं।
    शिवराज सिंह सरकार की असफलताओं की फेरहिस्त जैसे जैसे खुलती जा रही है वैसे ही कई विभागों से तरह तरह की कहानियां सामने आती जा रहीं हैं। ग्यारह साल पूरे करने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तरह तरह के कार्यक्रमों के आयोजन से खुद की पीठ ठोकते नजर आ रहे हैं लेकिन उन्होंने चपरासीनुमा जिन भ्रष्ट अफसरों को अपना सलाहकार बना रखा है उनकी कारस्तानियां अब छप्पर फाड़कर सिर उठाने लगीं हैं। भाजपा की सरकार में शिवराज सिंह चौहान के ग्यारह साल पूरे होने पर उनके राजनीतिक प्रतिद्वंदी ही तरह तरह के मामलों से सरकार की नींव हिलाने में जुट गए हैं। अब जैसे शिवराज सिंह चौहान के करीबी माने जाने वाले गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने जेल विभाग की मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले को खुली चुनौती दे डाली है। जेल गोलीकांड के बाद चैतन्य हुए राज्य शासन के प्रमुख सचिव विनोद चंद्र सेमवाल ने जेल मुख्यालय में काम का बोझ संभालने के लिए डीआईजी पद पर प्रमोशन पाने वाले उज्जैन के जेल अधीक्षक गोपाल ताम्रकार को मुख्यालय में पदस्थ किया है। लगभग डेढ़ महीना बीत जाने के बाद भी ताम्रकार अपनी कुर्सी छोड़ने को राजी नहीं हैं।शासन के आदेश का पालन इसलिए नहीं हो पा रहा क्योंकि ताम्रकार गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह के साथ पढ़े हैं। उन्होंने हटाए गए जेल डीजी सुशोभन बैनर्जी से एक आदेश जारी करवा लिया कि आगामी आदेश तक वे अपने ही पद पर बने रहें। जबकि शासन के आदेश के समर्थन में जेल मंत्री सुश्री कुसुम सिंह मेहदेले ने भी निर्देश जारी करके श्री ताम्रकार को भोपाल मुख्यालय में आमद देने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद श्री ताम्रकार टक के मस होने को तैयार नहीं हैं। उनकी जगह जेल अधीक्षक सुश्री ऊषा राज उज्जैन पहुंच चुकी हैं लेकिन श्री ताम्रकार उन्हें पदभार सौंपने तैयार नहीं हैं।यही नहीं स्थानीय अखबारों में उन्होंने हटाए गए जेल डीजी सुशोभन बैनर्जी के पत्र के माध्यम से खबर भी छपवाई कि मुख्यालय ने शासन के तबादला आदेश को निरस्त कर दिया है।
    इस मामले में जेल महानिदेशक संजय चौधरी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। सूत्र बताते हैं कि गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने उन्हें फोन करके श्री ताम्रकार को उज्जैन में ही पदस्थ रखने के निर्देश दिए हैं। जेल विभाग में पदस्थ आईजी सुधीर शाही भी इस मामले में कोई बात करने तैयार नहीं हैं। उन्होंने हाल ही में उज्जैन जेल का निरीक्षण भी किया था और कार्यभार संभालने पहुंची ऊषा राज को सभी जेलों के निरीक्षण के निर्देश भी जारी किए थे। उन्होंने उज्जैन जेल से निरीक्षण के लिए उन्हें वाहन भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। जेल विभाग में पदस्थ डीआईजी प्रशासन संजय पांडे के पास काम का बोझ इतना अधिक बढ़ गया है कि उन्हें अपना काम निपटाने के लिए देर रात तक दफ्तर में रुकना पड़ रहा है। इसकी जानकारी जेल मंत्री को भी दी जा चुकी है लेकिन मंत्री जी अपने ही सहयोगी गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह को नीचा दिखाने से बच रहीं हैं। हालांकि उन्होंने अपने विभाग के आला अफसरों से आदेशों का पालन न होने पर नाराजगी भी जताई है। उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि यदि उनके ही विभाग का अफसर आदेशों का पालन नहीं करेगा तो अंततः उन्हें अपने विशेषाधिकार का उपयोग करके उसे दंडित करना पड़ेगा।
    जेल महकमे को चकर घिन्नी बनाने वाली सतना की जेल अधीक्षक सुश्री शेफाली तिवारी ने इस काम के लिए कथित तौर पर हटाए गए जेल डीजी सुशोभन बैनर्जी को अपना हथियार बनाया है। भोपाल जेल ब्रेक कांड में भी इसी बंटी बबली की जोड़ी की करतूतें धीरे धीरे प्रशासन के सामने आती जा रहीं हैं। इनकी करीबी की कहानियां पूरे जेल महकमें में कुख्याति की तरह फैली हुई हैं। जेल मंत्री सुश्री कुसुम मेहदेले के निवास पर कभी याचक की तरह खड़े रहकर सुशोभन बैनर्जी ने शेफाली तिवारी को सतना का जेल अधीक्षक बनवाया था। अब जबकि सुशोभन बैनर्जी हटा दिए गए हैं तब उनके ही कृपा पात्र रहे गोपाल ताम्रकार ने शासन के आदेश के खिलाफ लिखे गए सुशोभन बैनर्जी के पत्र को अपनी ढाल बना लिया है।
    शेफाली तिवारी का इतिहास कई किस्से कहानियों से भरा पड़ा है। जब वे होशंगाबाद जेल प्रभारी थीं तो तीन कैदी फरार हो गए थे। जेल मंत्री जगदीश देवड़ा ने जब छापा मारा तो जेल में गंदगी मिली पांच किलो गांजे की खेप बरामद हुई थी। शहला मसूद हत्याकांड में इंदौर की जेल में बंद सबा फारूखी और जाहिदा परवेज ने कमीशनखोरी के चक्कर में शेफाली तिवारी को बाल पकड़कर पीटा था। सतना में उनके बंगले से एक कैदी फरार हो गया। दो आरोपी जेल से फरार हो गए। जेल में मोबाईल बरामद हुए। दो कैदियों की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। जिसका मुकदमा अभी भी लंबित है। जेल प्रहरी मनीष शेखर ने उसकी प्रताड़ना से तंग आकर जहर खा लिया जिसकी विभागीय जांच चल रही है। बताते हैं कि कैदियों को बिना कागजी कार्रवाई रिहा कर देने की बात जैसे ही प्रशासन को मालूम चली तो उन्हें पुलिस से दुबारा धारा 151 में गिरफ्तार कराकर जेल में बंद करवा दिया। अब प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि कैदी यदि जेल में बंद थे तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कैसे किया। जबलपुर की मूल निवासी इस जेल अधीक्षक ने कथित तौर पर एक कैदी से ही शादी रचा ली थी लेकिन बाद में उसे आजीवन कैद की सजा सुना दी गई तो बताते हैं उन्होंने अपने ही कंप्यूटर आपरेटर से शादी रचा ली। पूर्व मंत्री बाबूलाल गौर से उनकी नजदीकियों के किस्से भी जेलों में चटखारे लेकर सुनाए जाते हैं। बताते हैं कि यही किस्से भोपाल जेल ब्रेक कांड की नींव बने थे।
    हटाए गए जेल डीजी सुशोभन बैनर्जी के हवा हवाई फरमानों के बाद जब जेलरों के बीच ये बात फैल गई कि उन्हें मुख्यालय में चंदे की खेप पहुंचानी है तो कैदियों से चौथ वसूली की जाने लगी जिसका अंत भोपाल जेल ब्रेक और मुठभेड़ के रूप में सामने आया। ये जानकारियां पुलिस प्रशासन को भी हैं और सरकार के पास भी लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियतावादी नीतियों से तंग आकर जमीनी हालात सुधारने की सुध कोई अफसर नहीं ले रहा है।

  • मोदीमय हुई शिवराज सरकार की ग्यारहवीं वर्षगांठ

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    भोपाल4 दिसंबर,(पीआईसीएमपीडॉटकॉम)। शिवराज सिंह चौहान की सरकार के ग्यारह साल पूरे होने पर मनाया गया उत्सव आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विमुद्रीकरण फैसले से सुर मिलाने की कोशिश करता नजर आया। पूरे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नोटबंदी के फैसले से उपजी सकारात्मक लहर पर सवारी करते नजर आए। साथ में जनता से नोटबंदी को सफल बनाने का आव्हान करके उन्होंने अपनी कुर्सी बचाने की र राजनीतिक कवायद भी की। इस दौरान उनके मंत्रिमंडलीय सहयोगी भी मौजूद थे।
    मध्यप्रदेश शासन की ओर से आयोजित जनकल्याण योजनाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम में व्यवस्थाएं पहले हुए आयोजनों की तुलना में बेहतर ढंग से की गईं थीं। सोलह फिल्मों के माध्यम से शासन ने उन सफल योजनाओं पर प्रकाश डाला जिन्हें मध्यप्रदेश सरकार अपनी यशस्वी योजनाएं मानती है। राजधानी के जंबूरी मैदान पर इस विशाल आयोजन के लिए भारी इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम की शुरुआत लोकप्रिय गायिका अलका याज्ञ्निक के गीतों से हुई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हमेशा की तरह अपने भाषण की शुरआत जनता को अपना भगवान बताकर की। उन्होंने भाषण के प्रारंभ में ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को कर्मयोगी और युग पुरुष प्रधानमंत्री बताया और कैशलैस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए आंदोलन चलाने की घोषणा की। इसके बाद मुख्यमंत्री के पिछले ग्यारह सालों के शासन के दौरान चलाई गई योजनाओं पर फिल्मों का प्रदर्शन शुरु किया गया। पूरे परिसर में लगभग सौ बड़े टीवी पटल लगाए गए थे जिन पर लोगों को ये फिल्में दिखाने का इंतजाम किया गया था। हर योजना से जुड़ी फिल्म दिखाए जाने के बाद उसके पांच पांच हितग्राहियों को योजना की राशि का लाभ देने के लिए मंच पर बुलाया गया।
    श्री चौहान ने विपक्षी कांग्रेस के नेताओं के बयानों का हवाला देकर कहा कि वे कहते हैं कि हम जश्न मना रहे हैं। जबकि हमने सत्ता का सुख नहीं भोगा बल्कि तपस्या की है। कांग्रेस कभी योजनाओं को लेकर इस तरह के खुले आयोजन नहीं करती थी, जबकि हमने लोगों को योजनाओं का लाभ दिया है। इसकी वजह यही है कि हम जनता की सेवा की कर्म साधना की तरह करते हैं। उन्होंने अपने भाषण में फिर प्रधानमंत्री का उल्लेख किया और कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी की अगुआई में देश आगे बढ़ रहा है। फटाफट योजनाएं बनाई जा रहीं हैं। उन्होंने कहा कि वामपंथी जिन देशों में शासन करते हैं वहां नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली जाती है। लोगों की विविधता भी छीन ली जाती है। पूंजीवाद में जिंदा रहने की प्रतिस्पर्धा होने लगती है। हम इन दोनों को ही नहीं मानते। हम तो एकात्ममानवतावाद में यकीन करते हैं। हमारी पार्टी का मानना है कि सभी ज़ड़ चेतन में एक ही चेतना समाई हुई है। हम वसुधैव कुटुंबकम को मानते हैं। जियो और जीने दो को मानते हैं।
    श्री चौहान ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में शोषण की व्यवस्था शुरु हो गई थी। अमीरों और गरीबों के बीच खाई बढ़ती चली गई। कोई तरस रहा उजियारे को कोई सूरज बांधे सोता है। इस तरह की व्यवस्था को मिटाकर भाजपा संसाधनों का लाभ आम जनता तक पहुंचाना चाहती है। उन्होंने सत्यनारायण भगवान की कथा में में सुनाए जाने वाले उद्धरण का हवाला देते हुए कहा कि जिस तरह भगवान को न बताने पर लालची व्यापारी का धन लता और पत्र हो गया था उसी तरह मोदी जी के नोटबंदी अभियान से काला धन रखने वालों की संपदा बेकार हो गई है।करंसी की कमी को सहकर भी लोग मोदीजी के अभियान का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने उपस्थित जन समुदाय से नोटबंदी और मोदीजी के समर्थन में नारे भी लगवाए। उन्होंने कहा कि अब लोग मोबाईल को बटुआ बना सकते हैं। प्रधानमंत्री के भाषणों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जनधन खातों में जिन अमीरों ने अपना धन छुपाया है वे उन्हें न लौटाएं। उन्होंने कहा कि लोगों को बिना रुपया लिए या दिए बगैर कारोबार करना सिखाया जाएगा। ईमानदार व्यापारियों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। वे अपनी दूकान पर पीओएस मशीनें लगाएं। इस मशीन का प्रचलन बढ़े इसके लिए इस पर लगने वाले सारे टैक्स माफ कर दिए जाएंगे। सारे मंत्री विधायकों को मोबाईल से रुपए लेने देने का प्रशिक्षण दिया जाएगा इसके बाद आप सभी को भी बगैर मुद्रा कारोबार करना सिखाया जाएगा।
    श्री चौहान ने कहा कि बजट सत्र में कानून बनाकर सभी नागरिकों को आवास उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। लोगों को प्लाट या मकान दिलाने के लिए यदि सरकार को जमीन खरीदना भी पड़ी तो हम खरीदेंगे। इस योजना में घुसपैठ करने वाले भूमाफिया को जेल भेजने की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी कई नए प्रयोग करने जा रही है। आगामी जनवरी को विद्यार्थी पंचायत बुलाई जाएगी जिसमें विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने की राह में आने वाली रुकावटों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार कानून बनाकर लोगों को मजबूर करेगी कि वे अपने यहां काम करने वाले मजदूरों के रहने की व्यवस्था करें। औद्योगिक घरानों की सीएसआर राशि में अपना सहयोग देकर सरकार गरीबों के लिए दीनदयाल रसोई भी चलाएगी जिसमें गरीब को पांच रुपए में भरपेट खाना मिल सकेगा। उन्होंने बेटियों को शादी में स्मार्ट फोन देने की घोषणा भी की।
    अपने भाषण के अंत में श्री चौहान ने लोगों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथ मजबूत करने की अपील की।उन्होंने लोगों को न खाएंगे और न खाने देंगे का संकल्प भी दिलाया।