Category: संपादकीय

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विकास की खंती को आदिकालीन कानून से भरने की कोशिश

-आलोक सिंघई- बारह साल से कम उम्र की बेटियों से व्यभिचार करने वालों को फांसी की सजा से दंडित करने का कानून बनाकर शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने जनभावनाओं के समुंदर पर अपना...

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नोटबंदी पर खामोशी घातक

नोटबंदी का एक साल पूरा होने के बाद भी देश में तू तू मैं मैं का दौर चल रहा है। भारत जैसे विशाल देश में नोटबंदी का फैसला एक बड़ी चुनौती रहा है। डा....

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मंहगी पड़ेगी सड़कों के बतंगड़ की साजिश

-आलोक सिंघई- ठेठ देहाती किसान जब शहर जाता है तो वहां बिकते मठे को देखकर वो ये जरूर बोलता है कि इससे तो ज्यादा अच्छा हमारा गांव है जहां घर घर मही मिल जाता...

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टकराव की राजनीति का अंत

मध्यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के सबसे लंबे मुख्यमंत्रित्व काल में भले ही रोजगार के साधन विकसित न हो पाए हों लेकिन टकराव की राजनीति ने सकारात्मक दिशा जरूर पकड़ ली है। ये भी...

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ठेका खेती के आगे घुटना टेकती शिवराज सरकार

-आलोक सिंघई- मध्यप्रदेश में पुलिस की गोली से किसानों के नरसंहार का कलंक भाजपा सरकार के माथे लगा है। इसे धोने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उपवास पर बैठने जा रहे हैं। उनके...

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विलीनीकरण वर्षगांठ के बहाने एजेंडे पर लौटती भाजपा

मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह सरकार अपनी असफलताओं से घबराकर पार्टी के पुराने एजेंडों पर लौटने लगी है। लगभग चौदह सालों बाद भाजपा ने भोपाल के विलीनीकरण की वर्षगांठ मनाकर ये जताने की कोशिश की...

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विश्व बंधुत्व का उत्तम प्रदेश

आजाद हिंदुस्तान में भारतीय जनता पार्टी ने कई गैर कांग्रेसी सरकारें दी हैं। अन्य राजनीतिक दलों को भी गैर कांग्रेसी शासन देने का अवसर मिला है। इसके बावजूद कभी भारतीय संस्कृति का उद्घोष करती...

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कल्याणी को गौरवी बनाने का समय

जड़ता को तोड़ना बड़ी बात होती है। समाज की जड़ता को तोड़ना तो आसमान से तारे तोड़ लाने जैसा दुष्कर कार्य है। ये संतोष की बात है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार...

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भाजपा का मलाई खाने वाला कैडर

भारतीय जनता पार्टी को उसके कैडर के लिए जाना जाता रहा है। कांग्रेस के धराशायी होने की वजह भीउस पार्टी का कैडर ही रहा। जिस पार्टी का कैडर भ्रष्ट नेताओं और सुविधाभोगी अय्याशों से...

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कर्ज से गुलछर्रे उड़ाने वालों की दहशत

देश में विमुद्रीकरण की आंधी ने जनता के नाम पर कर्ज लेकर गुलछर्रे उड़ाने वाले तथाकथित उद्योगपतियों की नींदें उड़ा दी हैं। विकास योजनाओं के नाम पर कर्ज लेने वाले और गुल्ली करने वाले...